9.3
Geet Gatiroop. Rhythm-in-Verse Hindi
कितने वर्ण हैं? अनुष्टुप, हाइकू जैसे वर्णिक छंद में लिखें
कितने वर्ण हैं? अनुष्टुप, हाइकू जैसे वर्णिक छंद में लिखें

कुछ वर्णिक छंद में पंक्ति में कुल वर्ण कितने होने चाहिए, बस यह ही निर्धारित होता है। गुरु-लघु वर्ण कहाँ हैं, कौन से गण कहाँ हैं यह महत्व नहीं रखता। इन छंदों में लिखने की सुविधा के लिए अब वर्णिक छंद के प्रतिरूप में हर पंक्ति में कुल वर्ण कितने हैं, वह बताया जाता है, कुल मात्राएँ नहीं।

जैसे कि अनुष्टुप छंद, जिसमें हर पंक्ति में कुल आठ वर्ण होने अनिवार्य हैं। यह पंक्तियाँ अनुष्टुप छंद में हैं, हर पंक्ति में कुल आठ वर्ण हैं --
कर्मों पे अधिकार है
नहीं फलों पे तेरा है
फल हेतु कर्म न हो
अकर्मण्य भी तू न हो

इसी छंद में भगवत्गीता के अधिकांश श्लोक (और संस्कृत के अन्य कई ग्रंथों के श्लोक) लिखे गए हैं। जैसे कि
कर्मण्येवाधिकारस्ते
मा फलेषु कदाचन
मा कर्मफलहेतुर्भू:
मा ते सङ्गोस्त्वकर्मणि ॥भ.गी. 2:47॥

जापान से आए हाइकु में पहली और तीसरी पंक्तियों में कुल 5 वर्ण होने चाहिए, और बीच की पंक्ति में कुल 7 वर्ण। इसकी जाँच भी प्रतिरूप देख कर सकते हैं, जैसे कि --
पोखर में यूँ
मेंढक कूदा जब
जल में छप्प!

(मात्सुओ बाशो की विख्यात हाइकु "ओल्ड पौंड" पर आधारित)

और सख्त वर्णिक छंद (जिनमें हर गण और गुरु लघु वर्ण की जगह निर्धारित है) लिखने के लिए वर्णिक कविता की सुविधा पर पूरा लेख देखें। वर्ण, गण क्या होते हैं इसकी जानकारी के लिए यह लेख देखें

कुल वर्ण समान हों, इसके अनुसार लिखना अधिक सरल है -- बजाए इसके कि कुल मात्राएँ समान हों। आज़मा कर देखिए एक बार।




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