बड़े को छोटा किया तो दिख जाएगा

कविता में उच्चारण से ही लय निर्धारित होता है। देवनागरी लिपि के लघु (छोटे) दीर्घ (बड़े) स्वरों (अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ) का ठीक उच्चारण हो तो कम और ज्यादा समय लगता है और इसे ही मात्रा कहते हैं — समय की मात्रा।

इसके अनुसार तुलसिदास, दिनकर, बच्चन जैसे दिग्गज कवियों और पहले के गीतकारों की रचनाओं को गीत गतिरूप में डालें तो कविता लय के अनुसार सटीक ही दिखती है। किन्तु भाषा सदा रूप बदलता रहता है, तो कई बार उच्चारण लिपि के अनुकूल नहीं होता। हम भी रचना को छंद में ढालने का पूरा प्रयत्न नहीं करते हैं।

तो इन कुछ कारणों से शब्दों में बड़ी मात्रा का छोटा उच्चारण होता है —

  1. यदि रचना उर्दू से प्रेरित हो तो उर्दू में लघु दीर्घ स्वर (vowel) की ज्यादा छूट है
  2. रचना में अंग्रेजी के शब्द हों तो अंग्रेजी का कई जगह सही उच्चारण लघु होता है, जबकि करीबी अक्षर हिन्दी में दीर्घ ही लिखना होता है
  3. या हम बस कहीं कोई शब्द छोटा ही कह देना चाहते हैं, हालांकि उसका सही उच्चारण दीर्घ है

ऐसे में आप गीत गतिरूप में दीर्घ स्वर को लघु में बदल सकते हैं, और जब ऐसा करते हैं तो वह पीले रंग में बदल जाता है जिससे कि स्पष्ट नज़र आए कि रचना में किस जगह उच्चारण, लिपि के सही उच्चारण से भिन्न है।

देखिए, तीनों स्थिति के उदाहरण

1. उर्दू से प्रेरित रचना — दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।

आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए।

हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए।

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।

गीत गतिरूप में यह पहले तो ऐसे दिखता है

यह ग़ज़ल 26 मात्रा के लय पर है। पढ़ कर अपने उच्चारण पर ध्यान दें तो पायेंगे कि कई जगह बड़े स्वर का छोटा उच्चारण हो रहा है। उन अक्षर पर क्लिक करें तो वह सिकुड़ जाएगा और पीले रंग में बदल जाएगा। ऐसा करने पर प्रतिरूप यह बनता है —

पढ़ने के वक्त क्या आपको भी लगा कि यह पीले अक्षरों का लघु उच्चारण हो रहा है? लय में लिखने के लिए ध्वनि और उच्चारण पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।

2. अंग्रेजी शब्द का प्रयोग – वाणी मुरारका की छोटी सी रचना

भाषा हूँ मैं खाली पैकेट
मुझमें जो भरना है भर दो
हिन्दी या अंग्रेज़ी संस्कृत
कटु या फिर कुछ सोच प्रखर दो

कटु जो है वह मिट जाएगा
भाषा चाहे कोई भी हो
उन्नत जो है वही बचेगा
पैकेट जिस भी भाषा का हो

पहले गीत गतिरूप यह दिखाता है

यहाँ अंग्रेजी शब्द “पैकेट” का प्रयोग हुआ है, जिसके सही उच्चारण में “के” छोटा ही कहा जाता है। तो पैकेट के “के” पर क्लिक कर हम उसे छोटा करें तो प्रतिरूप यूँ बदलता है

3. बॉलिवुड का प्रसिद्ध गाना “तुम ही हो” – अरिजीत सिंह गायक, गीतकार मिथुन

हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते
तेरे बिना क्या वजूद मेरा
तुझसे जुदा गर हो जाएँगे
तो खुद से भी हो जाएँगे जुदा

यहाँ गायन में कई बड़ी मात्राओं का छोटा उच्चारण किया गया है जिससे शब्द संगीत के लय में फिट हो जाए। तो आप गाना सुनें तो पायेंगे कि इन शब्दों के उच्चारण को यहाँ बदला गया है

कविता यदि अपने में लय और छंद के अनुकूल हो तो संगीत के बिना भी पाठक के दिल में उतरती है। हम यदि बार बार कविता को संशोधित कर छंद में लिखने का प्रयत्न करें तो अच्छा है, किन्तु यह कुछ उदाहरण थे कि यदि आप उच्चारण बदल रहे हैं तो गीत गतिरूप में उसे कैसे दर्शा सकते हैं।

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